छत्तीसगढ़
फर्जी दस्तावेज से जमीन बिक्री मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार
Shantanu Roy
20 Aug 2026 12:15 AM IST

x
छग
Durg. दुर्ग। जिले के पाटन थाना क्षेत्र में संयुक्त कृषि भूमि को फर्जी तरीके से विक्रय कराने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पाटन पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा और न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, मामला ग्राम कुम्हली स्थित संयुक्त नाम की कृषि भूमि के फर्जी विक्रय से जुड़ा हुआ है। इस प्रकरण में आरोपियों पर षड्यंत्रपूर्वक भूमि के वास्तविक हिस्सेदार की पहचान का गलत इस्तेमाल कर किसी अन्य व्यक्ति को वास्तविक मालिक के रूप में प्रस्तुत कर जमीन बिक्री कराने का आरोप है। थाना पाटन में अपराध क्रमांक 42/2023 दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी और 34 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ईश्वर दास ने अन्य लोगों के साथ मिलकर अपने सगे भाई संजय कुमार के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को संजय कुमार के रूप में पेश किया और ग्राम कुम्हली की संयुक्त कृषि भूमि का विक्रय कराया। इस फर्जी प्रक्रिया में आरोपी दिलीप बंजारे को क्रेता बनाया गया था, जबकि आरोपी कन्हैया बंजारे को विक्रय पत्र में गवाह बनाया गया था। मामले में पुलिस ने पहले आरोपी ईश्वर दास को 7 जून 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। वहीं, घटना के बाद से आरोपी दिलीप बंजारे और कन्हैया बंजारे लगातार फरार चल रहे थे। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम द्वारा लगातार संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को दोनों आरोपियों की मौजूदगी की जानकारी मिली। सूचना के आधार पर पाटन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर 19 अगस्त 2026 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान-
दिलीप बंजारे (51 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 27, सिरसा भाठा, ग्राम सिरसाकला, थाना पुरानी भिलाई, जिला दुर्ग।
कन्हैया बंजारे (52 वर्ष), निवासी सत्यम चौक, वार्ड क्रमांक 08, दिलीप किराना के पास, भिलाई-03, थाना पुरानी भिलाई, जिला दुर्ग के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर भूमि के वास्तविक हिस्सेदार की पहचान का गलत उपयोग किया और फर्जी तरीके से विक्रय प्रक्रिया में भूमिका निभाई। मामले में दस्तावेजों की जांच और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को पुलिस ने विधिवत न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि जमीन या अन्य संपत्ति की खरीद-बिक्री से पहले संबंधित दस्तावेजों, स्वामित्व और सभी पक्षकारों की पहचान का पूरी तरह सत्यापन जरूर करें। किसी भी प्रकार की जालसाजी, फर्जी दस्तावेज या धोखाधड़ी की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने कहा कि संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पाटन निरीक्षक राजेश मिश्रा के नेतृत्व में थाना पाटन पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने लगातार पतासाजी, जानकारी जुटाने और घेराबंदी कर फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
Tagsदुर्ग पुलिस कार्रवाईपाटन पुलिसजमीन धोखाधड़ी मामलाफर्जी रजिस्ट्री केससंपत्ति फर्जीवाड़ाछत्तीसगढ़ पुलिसजमीन घोटाला गिरफ्तारीकूटरचित दस्तावेज मामलादुर्ग अपराध खबरपुलिस जांचDurg Police actionPatan Policeland fraud casefake registry caseproperty fraudChhattisgarh Policeland scam arrestforged document caseDurg crime newspolice investigation
Next Story





